इस्कान टेम्पल , मायापुर ,पश्चिम बंगाल .
मायापुर जाने की बहुत दिनों से इच्छा थी किन्तु जाना नहीं हो पा रहा था ।कितनी बार हुआ की हम लोग कृष्णानगर तक गए लेकिन मायापुर नहीं पहुंचे । इस बार जैसे ही कृष्णानगर जाने का काम हाथ में आया हम ख़ुशी से फुले नहीं समाये हमने तुरन्त योजना मायापुर में ठहरने की बना ली अपने पतिदेव को भी समझा दिया, इस निवेदन के साथ की भोजन के लिए एक दिन होटल की शरण में चले जाना । क्योंकि हम आज जाकर वापस नहीं आयेंगे बल्कि दुसरे दिन शाम तक आ जायेंगे दिन में काम करेंगे और रात में मायापुर जाकर ठहरेंगे दुसरे दिन घूमने के बाद सियालदह की लोकल पकड़ कर कोलकता वापस आ जायेंगे । हम सभी अपनी योजना के अनुसार निकल गए लेकिन दिन भर कम में व्यस्त रहने के कारण हम सभी शाम के सात बजे मायापुर पहुचें
'घूमते रहना कोई तदबीर नहीं
एक चक्कर है मेरे पाँव में जंजीर नहीं' ग़ालिब